विषय को उसके पूरे संदर्भ में कैसे पढ़ना चाहिए?
जन्म कुंडली एक निश्चित क्षण और स्थान के लिए गणना की जाती है। लग्न और उसका अंश समय तथा स्थान पर निर्भर करते हैं; चंद्रमा की सटीक नक्षत्र-स्थिति जन्म के समय शेष विंशोत्तरी दशा-अवधि बताती है। पूर्ण-राशि कुंडली में उदित राशि पहला भाव बनती है, लेकिन अन्य भाव-पद्धतियों की अपनी भाव-सीमाएँ होती हैं। डी1 और डी9 संबंधित होते हुए भी अलग वर्ग-कुंडलियाँ हैं; डी9 प्रत्येक राशि को 3°20′ के नौ भागों में बाँटता है। उपकरण में दिखाई गई पद्धति जाँचें और गणना की गई जन्म कुंडली को सामान्य चित्र से अलग रखें।
स्वास्थ्य और व्यावहारिक निर्णय सुरक्षित कैसे रखें?
पारंपरिक स्वास्थ्य-संबंधी संकेत निदान नहीं हैं। निर्धारित उपचार जारी रखें और लक्षणों के लिए योग्य चिकित्सक से सलाह लें। वित्तीय निर्णय, सहमति और पेशेवर सलाह को कुंडली के किसी नाम या वर्गीकरण से अलग रखें; भक्ति-अभ्यास किसी परिणाम का वादा नहीं है।
Healers World